Rudraksha | रुद्राक्ष

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Rudraksha | रुद्राक्ष

रुद्राक्ष का उत्पत्ति कैसे हुआ? How did Rudraksha originate?

जानने के लिए, इसके पीछे छुपी कहानी सुनो। शिवपुराण के अनुसार, एक बार शिव जी और देवी पार्वती वार्ता कर रहे थे। शिव जी ने बताया कि उन्होंने अपनी तपस्या के माध्यम से अपने मन को स्थिर करने का प्रयास किया था, लेकिन उन्हें भय भी हुआ था और उनके आंसू बहने लगे। रुद्राक्ष का उद्भव शिव के आंसुओं से हुआ था, और इसी कारण उसे रूद्र+अक्ष कहा गया। इसके फलस्वरूप उस वृक्ष को रुद्राक्ष कहते हैं।

रुद्राक्ष के फायदे के बारे में तो बहुत लेख मिलते हैं, लेकिन इसकी उत्पत्ति के बारे में कम जानकारी होती है। शिवपुराण में बताया गया है कि रुद्राक्ष का जन्म शिव के आंसुओं से हुआ था, जो पृथ्वी पर वृक्ष के रूप में पला। इससे उसे रुद्राक्ष कहा गया।

रुद्राक्ष के पेड़ भारत के खासतौर पर मथुरा, अयोध्या, काशी और मलयाचल पर्वत में पाए जाते हैं। ये पेड़ इंडोनेशिया और नेपाल में भी पाए जाते हैं। नेपाल के पाली क्षेत्र के रुद्राक्ष सबसे अच्छे माने जाते हैं, जिनमें 10 से 33 मिमी व्यास के दाने पाए जाते हैं। वहीं, इंडोनेशिया के रुद्राक्ष दाने 4 से 15 मिमी व्यास के होते हैं।

Listen to the hidden story behind this. According to the Shiv Purana, once Lord Shiva and Goddess Parvati were having a conversation. Lord Shiva revealed that he had attempted to stabilize his mind through meditation, but he experienced fear, and tears began to flow from his eyes. The origin of Rudraksha happened from Lord Shiva’s tears, and that’s why it got its name, a combination of “Rudra” (another name for Lord Shiva) and “Aksha” (tears). The tree that grew from these tears is called Rudraksha.

While there is plenty of information available about the benefits of Rudraksha, there is less known about its origin. As per the Shiv Purana, Rudraksha was born from Lord Shiva’s tears, which manifested into a tree on Earth. Hence, it was named Rudraksha.

Rudraksha trees are found in specific regions of India like Mathura, Ayodhya, Kashi, and the Malayachal Mountains. These trees are also found in Indonesia and Nepal. The Rudraksha beads from the Pali region of Nepal are considered the best, having bead sizes ranging from 10 to 33 millimeters. In Indonesia, Rudraksha beads are smaller, with bead sizes ranging from 4 to 15 millimeters.

रुद्राक्ष कैसे बनता है? How is Rudraksha made?

इसके लिए सबसे पहले इसके फल का छिलका उतारा जाता है और फिर उसका बीज निकाला जाता है। फिर इस बीज को पानी में साफ किया जाता है और इस तरीके से रुद्राक्ष बन जाता है।

To create a Rudraksha bead, the first step involves removing the outer skin or husk of the fruit. Then, the seed is taken out from the fruit. Next, the seed is cleaned thoroughly with water, and through this process, the Rudraksha bead is formed.

रुद्राक्ष में असली और नकली को अलग कैसे करें? How to differentiate between real and fake Rudraksha?

शुद्ध रुद्राक्ष में प्राकृतिक रूप से छेद होते हैं। असली रुद्राक्ष में संतरे की तरह फांके बने होते हैं। एक रुद्राक्ष में जितनी धारियाँ या लाइन्स होती हैं, उसे उतने मुखी रुद्राक्ष कहते हैं। असली रुद्राक्ष का पहचान करने के लिए उसे सुई से खुरेदें और अगर रेशा निकले तो वह असली है, नहीं तो वह नकली है। शुद्ध सरसों के तेल में रुद्राक्ष को डालकर उसे गर्म करें, असली रुद्राक्ष पर चमक बढ़ जाएगी जबकि नकली रुद्राक्ष फीकी दिखाई देगी।

In a genuine Rudraksha, there are natural clefts on its surface. The beads are shaped like a berry with distinct facets. The number of these facets or lines determines the type of Rudraksha, known as “mukhi Rudraksha.” To identify a real Rudraksha, you can perform a simple test – try to pierce it with a needle; if the bead is authentic, no fiber will come out; otherwise, it might be fake. Another test involves placing the Rudraksha in pure mustard oil and heating it. A real Rudraksha will exhibit enhanced shine, whereas a fake one will appear dull.

शिव रुद्राक्ष माला का जप कैसे करें? How to do the chanting (jap) of Shiv Rudraksha Mala?

यह माला भगवान शिव को सबसे प्रिय है और भक्तजन ईश्वर के निकट रहने का प्रयास करते हैं। जब भी आप इस माला का 108 बार जाप मंत्र का उच्चारण करेंगे, तो आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी और भगवान शिव हमेशा आपके साथ रहेंगे। इस माला को पहनने का एक तरीका यह है कि आप उसमें पंचामृत में डुबोकर धोकर प्राचीन विधि से पूजा-अर्चना करें। यह रुद्राक्ष माला को सिद्ध करने के लिए एक विशेष मंत्र भी है – “ईशानः सर्वभूतानां”। रुद्राक्ष की माला उच्चारण के बाद पूर्ण हो जाएगी और तैयार होगी आपके ईश्वर के निकट रहने के लिए।

This mala is most beloved to Lord Shiva, and devotees use it to stay close to the divine. Whenever you recite the mantra 108 times with this mala, all your wishes shall come true, and Lord Shiva will always be by your side. To wear this mala, you can immerse it in panchamrit (a mixture of five sacred liquids) and perform traditional worship and rituals. There is a special mantra to activate this Rudraksha mala – “Eeshanah Sarvabhootanaam.” After chanting the Rudraksha mala with this mantra, it will be fully empowered and ready to keep you connected to the divine.

रुद्राक्ष कितने प्रकार के होते हैं?

दरअसल, रुद्राक्ष कुल मिलाकर 28 प्रकार के होते हैं। जिनमें से मुख्यता 14 प्रकार के रुद्राक्ष का उपयोग किया जाता है। हर प्रकार की रुद्राक्ष में अलग-अलग नक्षत्रों, देवताओं और ऋषियों का वास होता है, और इनकी विशेषता के आधार पर उन्हें वस्त्र, माला और अन्य वस्तुएं बनाई जाती हैं। जब आप रुद्राक्ष की इन संबंधित विशेषताओं को समझते हो, तो इसका महत्व और प्रयोग समझना भी बेहद आसान हो जाता है।

Actually, there are a total of 28 types of Rudraksha when all the varieties are combined. However, primarily 14 types of Rudraksha are commonly used. Each type of Rudraksha is associated with different constellations, deities, and sages, based on which they are used to make clothing, necklaces, and other items. Once you understand these related characteristics of Rudraksha, grasping its significance and uses becomes remarkably easy.

किस राशि को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए? Which Rudraksha should each zodiac sign wear?

मेष राशि वालों को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए?तीन मुखी रुद्राक्ष

वृष राशि वालों को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए?छः मुखी रुद्राक्ष

मिथुन राशि वालों को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए?चार मुखी रुद्राक्ष

कर्क राशि वालों को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए?दो मुखी रुद्राक्ष

सिंह राशि वालों को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए?12 मुखी रुद्राक्ष

कन्या राशि वालों को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए?चार मुखी रुद्राक्ष

तुला राशि वालों को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए?आठ मुखी रुद्राक्ष

वृश्चिक राशि वालों को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए?तीन मुखी रुद्राक्ष

धनु राशि वालों को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए?पांच मुखी रुद्राक्ष

मकर राशि वालों को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए?सात मुखी रुद्राक्ष

कुम्भ राशि वालों को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए?आठ मुखी रुद्राक्ष

मीन राशि वालों को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए?दस मुखी रुद्राक्ष

Aries (Mesha): Three Mukhi Rudraksha

Taurus (Vrishabha): Six Mukhi Rudraksha

Gemini (Mithuna): Four Mukhi Rudraksha

Cancer (Karka): Two Mukhi Rudraksha

Leo (Simha): Twelve Mukhi Rudraksha

Virgo (Kanya): Four Mukhi Rudraksha

Libra (Tula): Eight Mukhi Rudraksha

Scorpio (Vrishchik): Three Mukhi Rudraksha

Sagittarius (Dhanu): Five Mukhi Rudraksha

Capricorn (Makar): Seven Mukhi Rudraksha

Aquarius (Kumbh): Eight Mukhi Rudraksha

Pisces (Meen): Ten Mukhi Rudraksha

Types of Rudraksh :

Read Here and Click Below

एक मुखी रुद्राक्ष |One-faced Rudraksha| Ek Mukhi Rudraksh |

दो मुखी रुद्राक्ष |Two-faced Rudraksha| 2 Mukhi Rudraksh|

तीन मुखी रुद्राक्ष Three-faced Rudraksha | 3 Mukhi Rudraksh|

चार मुखी रुद्राक्ष Four-faced Rudraksha| 4 Mukhi Rudraksh|

पांच मुखी रुद्राक्ष Five-faced Rudraksha| 5 Mukhi Rudraksh|

छह मुखी रुद्राक्ष Six-faced Rudraksha | 6Mukhi Rudraksh|

सात मुखी रुद्राक्ष Seven-faced Rudraksha| 7 Mukhi Rudraksh|

आठ मुखी रुद्राक्ष Eight-faced Rudraksha| 8 Mukhi Rudraksh|

नौ मुखी रुद्राक्ष Nine-faced Rudraksha | 9 Mukhi Rudraksh|

दस मुखी रुद्राक्ष Ten-faced Rudraksha| 10 Mukhi Rudraksh|

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष Eleven-faced Rudraksha | 11 Mukhi Rudraksh|

बारह मुखी रुद्राक्ष Twelve-faced Rudraksha | 12 Mukhi Rudraksh|

तेरह मुखी रुद्राक्ष Thirteen-faced Rudraksha| 13 Mukhi Rudraksh|

चौदह मुखी रुद्राक्ष Fourteen-faced Rudraksha| 14 Mukhi Rudraksh|

पंद्रह मुखी रुद्राक्ष Fifteen-faced Rudraksha | 15 Mukhi Rudraksh|

सोलह मुखी रुद्राक्ष Sixteen-faced Rudraksha| 16 Mukhi Rudraksh|

सत्रह मुखी रुद्राक्ष Seventeen-faced Rudraksha | 17 Mukhi Rudraksh|

अठारह मुखी रुद्राक्ष Eighteen-faced Rudraksha| 18 Mukhi Rudraksh|

उन्नीस मुखी रुद्राक्ष Nineteen-faced Rudraksha| 19 Mukhi Rudraksh|

बीस मुखी रुद्राक्ष Twenty-faced Rudraksha| 20 Mukhi Rudraksh|

इक्कीस मुखी रुद्राक्ष Twenty-one-faced Rudraksha | 21 Mukhi Rudraksh|

4 thoughts on “Rudraksha | रुद्राक्ष

  1. Mujhe kaun sa rudraksh pahnan chahiye kya koi sa bhi rudraksh pahna jaa sakta hai

    1. Aap apni kundali me Rashi dekhkar uske hisab se ya Aap apne kaam ke hisab se Rudraksh Dharan kar sakte hai.

      Adhik Jankari ke liye aap 9718339004 par sampark kar sakte hain.

  2. kaun sa Rudraksh pahnana chahie

    1. Aap apni kundali me Rashi dekhkar uske hisab se ya Aap apne kaam ke hisab se Rudraksh Dharan kar sakte hai.

      Adhik Jankari ke liye aap 9718339004 par sampark kar sakte hain.

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