6 Mukhi Rudraksha

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6 Mukhi Rudraksha

षट्मुखी रुद्राक्ष का महत्व: Importance of 6 Mukhi Rudraksha

(6 Mukhi Rudraksha )षट्मुखी रुद्राक्ष, जिसे 6 मुखी रुद्राक्ष भी कहा जाता है, कार्तिकेय (भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय) से संबंधित है। इस प्रकार के रुद्राक्ष को धारण करने से भ्रूणहत्या जैसे पापों से व्यक्ति को मुक्ति मिल जाती है। रूद्र सहिंता में इसका वर्णन है कि भगवान कार्तिकेय का पालन-पोषण छह स्त्रियों ने किया था, जिस कारण उन्हें 6 मुखी रुद्राक्ष का धारण करना पड़ा था ताकि वे सभी को वात्सल्य दे सकें।

The 6 mukhi Rudraksha is associated with Lord Kartikeya, and wearing this type of Rudraksha frees a person from sins like foeticide. In Rudra Samhita, it is described that Lord Kartikeya was nourished and taken care of by six divine mothers, and hence, he had to wear the 6 mukhi Rudraksha to provide motherly love to all of them.

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6 मुखीरुद्राक्षपहननेकेफायदे: Benefits of wearing 6 Mukhi Rudraksha

भगवान कार्तिकेय छह विधाओं के स्वामी हैं – पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, ऊर्ध्व, और पाताल। इसके कारण, इसे धारण करने वाला व्यक्ति इन छह प्रतिभाओं के स्वतः ही स्वामी बन जाता है।

Lord Kartikeya is the lord of six regions – east, west, north, south, upward, and downward. Hence, whoever wears this Rudraksha becomes the lord of these six talents and abilities.

इसका संबंध शुक्र ग्रह से है, जो भोग विलास के मालिक हैं। इसलिए, जिन व्यक्तियों का जन्मनक्षत्र शुक्र से सम्बंधित है, उन्हें यह धारण करना चाहिए। यह नेत्र संबंधी रोगों जैसे मोतियाबिंद, दृष्टि दोष, रतौंधी आदि से निजात दिलाने में मदद करता है।

It is associated with the planet Venus (Shukra), the ruler of desires and enjoyments. People with Venus in their birth chart are advised to wear this Rudraksha for remedies against eye-related ailments like cataract, vision problems, and night blindness.

इस प्रकार की रुद्राक्ष माला को बच्चों को पहनाने से उनकी नेत्र ज्योति हमेशा बनी रहती है।

Wearing this Rudraksha by children ensures the continuous growth and well-being of their eyesight.

इससे बुद्धि का विकास और अभिव्यक्ति में कुशलता आती है। धारण करने से व्यक्ति में इच्छाएं आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती हैं।

It enhances intelligence and communication skills, boosting one’s desires and self-confidence

व्यक्ति को शौर्य और प्रेम हासिल होता है। मुख, गले, और मूत्र रोग से छुटकारा पाने में यह लाभकारी है।

It brings valor and love to the wearer and helps in curing ailments related to the face, throat, and urinary system.

इस रुद्राक्ष को पहनने से एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने की शक्ति बढ़ती है। षट्मुखी रुद्राक्ष की पूजा करने से जीवन में संतुलन आता है।

It brings balance and harmony to one’s life and dispels negative energies from the surroundings. Wearing the 6 mukhi Rudraksha improves concentration and focus

इससे आसपास की नकारात्मक ऊर्जा का समाप्त होता है। आलस्य और सुस्ती को दूर करने में यह सहायक है।

It helps in overcoming laziness and lethargy.

यदि आपके जीवन में प्रेम की कमी है, तो आपको षट्मुखी रुद्राक्ष जरूर धारण करना चाहिए।

If there is a lack of love in one’s life, wearing the 6 mukhi Rudraksha is believed to be beneficial.

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षट्मुखी रुद्राक्षधारणविधि (6 Mukhi Rudraksh Dharan Vidhi):

षट्मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से पहले, 108 बार “ह्रीं ह्रुं नम:” मंत्र (6 मुखी रुद्राक्ष मंत्र) का जाप करें। इससे आपको 6 मुखी रुद्राक्ष का दोगुना लाभ मिलता है।

Before wearing the 6 mukhi Rudraksha, chant the mantra “Om Hreem Hoom Namah” (6 mukhi Rudraksha mantra) 108 times. This increases the benefits of wearing the 6 mukhi Rudraksha.

Remember, Rudraksha should be worn with faith and positive intentions to experience its full potential.

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