Shareer Ke Ang Fadkne ka Arth

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Shareer Ke Ang Fadkne ka Arth

(Shareer Ke Ang Fadkne ka Arth )शरीर के अंग फड़कने का क्या अर्थ होता है?

अंग फड़कने के शुभ-अशुभ फल ( Sharir ke Ang Fadkane ke Shubh-Ashubh Fal )

हमारा शरीर अन्य प्राणियों की तुलना में काफी संवेदनशील होता है। यही कारण है कि भविष्य में होने वाली घटना के प्रति हमारा शरीर पहले ही आशंका व्यक्त कर देता है। शरीर के विभिन्न अंगों का फड़कना भविष्य में होने वाली घटनाओं की जानकारी देने का एक माध्यम है और यह जानने में मदद करता है कि इन फड़कनों का क्या अर्थ हो सकता है।

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सिर के अलग-अलग हिस्सों का फड़कना: ( Sar ke alag alag hisso ka Fadkna)

माथा फड़कने के फल:( Matha Fadakne ke fal )

माथा फड़कने से पैसे के सुख की प्राप्ति होती है। यह एक शुभ संकेत है और धन संबंधी लाभ का सूचक होता है।

कनपटी फड़कने के फल: ( Kanpati Fadkne ke Fal)

कनपटी फड़के तो इच्छाएं पूरी होती हैं। यह एक शुभ संकेत है और व्यक्ति की इच्छाओं और अभिलाषाओं की पूर्ति होती है।

सिर के बाएं हिस्से का फड़कना: ( Sar ka left hissa Fadakna )

सिर के बाएं हिस्से में फड़कना होना बहुत ही शुभ माना जाता है। यह एक शुभ संकेत होता है और यात्रा के योग की प्राप्ति हो सकती है। यदि आपकी यात्रा बिजनेस से संबंधित है, तो आपको इससे लाभ हो सकता है।

सिर के दाएं हिस्से का फड़कना: ( Sar ka right hissa Fadakna)

सिर के दाएं हिस्से में फड़कना होना भी शुभ फलदायक स्थिति है। यह आपको धन, किसी राज सम्मान, नौकरी में पदोंन्नति, प्रतियोगिता में पुरस्कार, लॉटरी में जीत, भूमि लाभ आदि की प्राप्ति हो सकती है।

सिर के पिछले हिस्से का फड़कना: ( Sar ka pichla hissa Fadakna)

सिर के पिछले हिस्से का फड़कना होना एक शुभ संकेत है और यह आपके विदेश जाने के योग को दर्शाता है। इससे धन की प्राप्ति भी हो सकती है।

सिर के अगले हिस्से का फड़कना: ( Sar Ka agla hissa Fadakna)

सिर के अगले हिस्से में फड़कना होना भी स्वदेश या परदेश दोनों में ही धन संबंधी लाभ का कारण बन सकता है। यह एक शुभ संकेत होता है और आपको धन संबंधी समस्याओं से राहत मिल सकती है।

गले, मूंछ, तालू और आंखों का फड़कना:

कंठ और गले का फड़कना: ( Gardan aur Gale ka Fadakna)

कंठ और गले का फड़कना होता है तो यह एक शुभ संकेत है। यह धान्य, सुखद भोजन और अपार खुशियों की प्राप्ति की सूचना देता है। इससे आपको वृद्धि और समृद्धि का अनुभव हो सकता है। विशेष रूप से एक स्त्री के गले का फड़कना उसे अधिक सुंदर और आकर्षक बनाता है और उसे आभूषणों की प्राप्ति होती है।

मूंछ का फड़कना: ( Moonch ka Fadakna)

मूंछ का फड़कना हमें धन, धान्य, घी और अन्न संबंधी लाभ का संकेत देता है। यह एक शुभ संकेत होता है और वृद्धि और समृद्धि के योग को दर्शाता है। इससे आपको आर्थिक समृद्धि मिल सकती है और आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।

तालू का फड़कना: ( Talu ka Fadakna)

तालू का फड़कना होना भी एक शुभ संकेत होता है और आपको आर्थिक लाभ की प्राप्ति होती है। दाहिने तालू का फड़कना आपको धन संबंधी समस्याओं से राहत देता है, वहीं बायें तालू के फड़कने का संकेत होता है कि आपको किसी से झगड़ा हो सकता है और अपमानित होने का संभावना रहता है।

आंखों का फड़कना: ( Aankhon ka Fadakna )

दाहिनी आंख या भौंह फड़कने का फल आपको शुभ समाचार की प्राप्ति होती है। यह एक शुभ संकेत होता है और आपको सफलता और खुशियां मिल सकती हैं। वहीं बाएं आंख या भौंह फड़कने का फल आपको दुश्मनों से और अधिक दुश्मनी होने की संभावना बताता है। यदि दोनों आंखें एक साथ फड़कती हैं, तो यह एक शुभ संकेत होता है और आपको अतुल धन की प्राप्ति होती है।

पीठ का फड़कना: ( Peeth ka Fadakna )

पीठ का फड़कना होना तो विपदा में फंसने की संभावना रहती है। यह एक अशुभ संकेत होता है और आपको सतर्क रहने की सलाह देता है।

पसलियों का फड़कना: ( Pasalion ka Fadakna)

पसलियों का फड़कना भी अशुभ होता है और विपदा आने की संभावना रहती है। इससे आपको सतर्क रहने की आवश्यकता होती है।

पैर के विभिन्न हिस्सों का फड़कना:

दाहिनी ओर की जांघ फड़के तो अपमान होता है, बाईं ओर की फड़के तो धन लाभ होता है। आपके दांये घुटने में फडकन है तो आपको सोने की प्राप्ति हो सकती है और यदि दांये घुटने का निचला हिस्सा फडक रहा है तो यह शत्रु पर विजय हासिल करने का संकेत है। यदि आपके बांये घुटने का निचला हिस्सा फडक रहा है तो आपके कार्य पूरा होने की संभावना बड़ जाती है। बाये घुटने का उपरी हिस्सा फडक रहा है तो इसका फल कुछ नहीं होता है। दाहिनें पैर का तलवा फडके तो कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, बाईं ओर का फडके तो निश्चित रूप से यात्रा पर जाना होता है।

मुख और चेहरे का फड़कना:

मुख का फड़कना होने पर यह भविष्य में मिलने वाले धन संबंधी लाभ का सूचक हो सकता है। यदि चेहरे का दाया भाग फडक रहा हो, तो आपको धन की प्राप्ति होगी। इसके विपरीत, बाईं ओर के फड़कने का अर्थ है कि आपको धन की चिंता हो सकती है या आपके धन में कुछ अच्छा नहीं हो रहा है। यदि मुख के दोनों ओर फड़कने का अनुभव हो, तो यह आपको किसी शुभ घटना के संबंध में सूचित कर सकता है, जैसे कि आपके किसी प्रियजन से मिलने का संकेत हो सकता है।

शरीर के निचले भागों का फड़कना:

आपके गुदा खिसकने या फड़कने का मतलब है कि आपको धन संबंधी समस्याओं से निपटने की आवश्यकता हो सकती है। यह एक अशुभ संकेत होता है। अगर आपके दोनों पैरों के तलवे फड़क रहे हैं तो आपको यात्रा के योग बनते हैं, विशेष रूप से सफलता की यात्रा। दाईं तलवे के फड़कने का संकेत है कि आपको कोई सुखद खबर मिलने वाली है, वहीं बाईं तलवे के फड़कने का संकेत है कि आपको कोई दुखद समाचार मिलने वाला है। दाईं बॉटम पर फड़कना भी अशुभ होता है और बाएं बॉटम पर फड़कना शुभ होता है। दाहिने गुदा का फड़कना हो तो धन की प्राप्ति होती है, वहीं बायीं गुदा का फड़कना हो तो आपको धन के लेनदेन के समय कुछ परेशानियां हो सकती हैं।

कानों का फड़कना: ( Kano ka Fadakna)

कान के दाये भाग का फड़कना धन की प्राप्ति का संकेत होता है। वहीं, कान के बाये भाग का फड़कना हो तो यह एक अशुभ संकेत होता है और आपको कुछ खर्च करना पड़ सकता है या आपको कुछ नुकसान हो सकता है। कान का फड़कना अच्छे या बुरे समय के आगमन को दर्शाता है।

शरीर के मध्य भागों का फड़कना:

शरीर के अंगों के फड़कने के परिणामों को निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:

शुभ परिणाम: ( Shubh )

पेट के नीचे का भाग फडकता है तो स्वादिष्ट भोजन की प्राप्ति होती है।

पीठ दांयी ओर से फडक रही है तो धन धान्य की वृद्धि होती है।

दाहिनी ओर का कंधा फडके तो धन-संपदा मिलती है।

बांई ओर की बाजू फड़के तो धन लाभ होता है।

दांये घुटने में फडकन है तो आपको सोने की प्राप्ति हो सकती है।

दाहिने पैर का तलवा फडके तो कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

अशुभ परिणाम:

पेट का उपरी भाग फडकता है तो अशुभ होता है।

पीठ के बांये भाग का फडकना ठीक नहीं होता है।

दाईं पैर (पांव) का फड़कना अशुभ माना जाता है।

दाहिनी ओर की कोहनी फड़के तो झगड़ा होता है।

बायी पीठ में फडकन धीमी हो तो परिवार में कन्या का जन्म होना संभव है और फडकन तेज हो तो अपरिपक्व यानि समय से पहले ही प्रसव हो सकता है।

पीठ का उपरी हिस्सा फडक रहा हो तो धन की प्राप्ति होती है और पीठ का निचला हिस्सा फडकता है तो बहुत से मनुष्यों की प्रशंसा मिलने की संभावना रहती है।

आपके बांये घुटने का निचला हिस्सा फडक रहा है तो आपके कार्य पूरा होने की संभावना बड़ जाती है।

यदि मस्तक फडके तो भू-लाभ मिलता है।

आँखों के पास फडकन हो तो आप अपने किसी प्रिय से मिलते हैं।

हाथों की अंगुलियां फड़के तो मित्र से मिलना होता है।

शरीर के अंग फड़कने शुभ या फिर अशुभ ? (Shareer ke Ang Fadkna Shubh ya Ashubh )

सिर के अलग-अलग हिस्सों का फड़कना हमारे शरीर के विभिन्न अंगों की तरह भविष्य से संबंधित संकेत देता है। फड़कते हुए अंगों के अर्थ:

सिर का फड़कना: शुभ हो यदि सिर का पीछे का हिस्सा फड़क रहा हो, तो आपकी इच्छा पूर्ण होगी।

गरदन का फड़कना: शुभ रूप में देखा जाता है, कभी-कभी महिला से मिलने या उसके संबंध में आना भी माना जाता है।

माथे का फड़कना: चिंता का विषय है। दाहिना माथे का हिस्सा फड़कता है तो शुभ है और बाईं हिस्सा फड़कता है तो अशुभ है, और पूरा माथा फड़कता है तो कठनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

हथेली का फड़कना: यात्रा करने की संभावना होती है।

दाहिना पैर (पांव) का फड़कना: शुभ नहीं माना जाता है।

बायीं पैर (पांव) का फड़कना: शुभ माना जाता है।

दाई भौंह का फड़कना: धन, यश, और सम्मान मिलने वाला है।

बायीं भौंह का फड़कना: खोई हुई बस्तु मिलने वाली है।

होठ का फड़कना: शुभ संकेत, दोस्त मिलने वाला है, ऊपरी फड़कना – धन लाभ, निचली फड़कना – सुनी हुई बात से मिलने की संभावना।

दाया हाथ का फड़कना: मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।

दाहिने कंधा का फड़कना: शुभता मिलती है।

बायीं कंधा का फड़कना: शत्रु को नीचा दिखाता है।

ठोड़ी का फड़कना: शुभ ही माना जाता है।

माथा का फड़कना: धन और समृद्धि की प्राप्ति का संकेत।

दाहिना भौंह का फड़कना: सामाजिक और नए संबंधों की प्राप्ति का संकेत।

बाएं भौंह का फड़कना: परिवार और प्रियजनों के साथ समृद्ध और सुखी संबंधों के संकेत।

दाहिना कान का फड़कना: आध्यात्मिक उन्नति का संकेत।

बाएं कान का फड़कना: वाणी शक्ति के विकास और अधिक संवाद के लिए प्रोत्साहन।

दाहिनी ओर की जांघ का फड़कना: अपमान का संकेत।

बाईं ओर की जांघ का फड़कना: धन सम्बंधी सूचना।

दांये पैर के नीचे फड़कना: सोने की प्राप्ति और व्यापार में सफलता की संभावना।

दांये पैर के ऊपरी हिस्से का फड़कना: विशेष मतलब नहीं।

बाएं पैर के नीचे फड़कना: किसी शत्रु का विजय होने की संभावना।

बाएं पैर के ऊपरी हिस्से का फड़कना: विशेष फल नहीं।

गुप्तांग का फड़कना: दूर यात्रा की संभावना।

दाईं ओर का अंडकोष का फड़कना: खोई हुई वस्तु मिलने की संभावना।

बाईं ओर का अंडकोष का फड़कना: पुत्र से सुख और विदेश यात्रा का योग।

दाहिनें पैर का तलवा का फड़कना: कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

बाईं पैर का तलवा का फड़कना: यात्रा पर जाने की संभावना बढ़ जाती है।

महिला (स्त्री) के लिए कौन-सा अंग फड़कना शुभ और अशुभ होता है?

प्राचीन काल से ही ऐसा माना जाता है कि स्त्री का बाएं (उल्टा) अंग फड़कना बहुत शुभ माना जाता है। अगर स्त्री का बाएं आंख का फड़कना, बाएं कान का फड़कना, बाएं भुजा का फड़कना शुभ माना जाता है। और इसी के विपरीत स्त्री का दाहिना (सीधा) अंग फड़कना अशुभ माना जाता है ,ऐसा माना जाता है की अगर महिला का सीधा अंग फडकता है तो कोई अशुभ समाचार मिल सकता है और कोई हानि होगी।

पुरुष (आदमी) का कौन-सा अंग फड़कना शुभ और अशुभ होता है ?

भारतीय संस्कृति बहुत ही प्राचीन है और प्राचीन काल से ही ऐसा माना जाता है कि अगर किसी आदमी व पुरुष का दाहिना अंग फड़कता है तो यह उसके लिए एक शुभ संकेत है इसका अर्थ है उसको किसी काम में सफलता मिल सकती है और शुभ समाचार मिलेंगे और इसी के विपरीत अगर आदमी का उल्टा अंग फडकता है तो यह उसके लिए एक अशुभ संकेत लाता है और उसके कोई बने काम बिगड़ने वाले है।

महिला (स्त्री) के लिए बाईं आंख का फड़कना शुभ माना जाता है

इसका अर्थ है कि उसे शुभ समाचार मिलने की संभावना है, और धन और सौभाग्य की प्राप्ति हो सकती है। इस फड़कने को देखकर वह किसी नए काम की शुरुआत कर सकती है या नए संबंध बना सकती है। इसके विपरीत, दाहिनी आंख का फड़कना अशुभ माना जाता है, जिसका अर्थ है कि कोई अपशुभ समाचार मिल सकता है और किसी नकारात्मक घटना का सामना करना पड़ सकता है।

पुरुष (आदमी) के लिए दाहिना आंख का फड़कना शुभ माना जाता है।

इसका अर्थ है कि उसे किसी काम में सफलता मिल सकती है और शुभ समाचार मिल सकते हैं। उसके लिए धन और समृद्धि की प्राप्ति की संभावना होती है। वह नए संबंध बना सकता है और सामाजिक और व्यावसायिक दृष्टि से सफलता प्राप्त कर सकता है। इसके विपरीत, बाईं आंख का फड़कना अशुभ माना जाता है और अपशुभ समाचार और कठिनाईयों का सामना हो सकता है।

शरीर के अन्य भागों के फड़कने के भी अलग-अलग अर्थ होते हैं। उनमें से कुछ शुभ संकेत और कुछ अशुभ संकेत प्रदान करते हैं। यह फड़कने आपके आसपास की घटनाओं और परिस्थितियों के साथ जुड़ सकते हैं और आपको आगामी दिनों में होने वाली घटनाओं के बारे में सूचित कर सकते हैं।

One thought on “Shareer Ke Ang Fadkne ka Arth

  1. Nice Information 🙏🙏

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