Vastu ki Jarurat

  • Home
  • Blog
  • Vastu ki Jarurat
vastupurusha

Vastu ki Jarurat

वास्तु की  आवश्यकता: Need of Vastu

प्रकृति के पंचतत्व और शरीर के पंचतत्वों के बीच सामंजस्य रखने के लिए हमें वास्तु की आवश्यकता होती है| जिस प्रकार हम शरीर के सभी अंगो का उपयोग ठीक प्रकार से इसलिए कर पाते है क्यूंकि उनका स्थान नियत है| अगर इसमें किसी भी प्रकार का कोई परिवर्तन होता है तो यही अंग ठीक से काम नहीं कर पाते हैं| हमें ईश्वर द्वारा प्रदान किया गया शरीर सभी प्रकार से हमारी जीवनशैली के लिए पर्याप्त है|

वास्तु की आवश्यकता का महत्व हमारे जीवन में बड़ा है। यहाँ पर कुछ मुख्य कारण दिए जा रहे हैं:

ऊर्जा संतुलन: वास्तुशास्त्र के अनुसार घर की सही वास्तु का पालन करने से ऊर्जा का संतुलन बना रहता है, जिससे घर में शांति और सुख-शांति बनी रहती है।

स्वास्थ्य के लिए: सही वास्तु का पालन करने से घर के आवासी स्वास्थ्य को भी फायदा होता है। यह बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है और मानसिक स्वास्थ्य को भी सुधारता है।

धन और समृद्धि: वास्तुशास्त्र के अनुसार सही दिशा में बनाए गए घर में धन और समृद्धि की वृद्धि होती है।

सुख-शांति: आचानक की चीख-चिल्लाहट और अनियमितता से बचाव होता है, जिससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।

परिवार के सदस्यों के बीच में सौहार्द: सही वास्तु का पालन करने से परिवार के सदस्यों के बीच में सौहार्द और मिलनसर रिश्तों को बढ़ावा मिलता है।

व्यापार में सफलता: व्यापारी लोग भी वास्तुशास्त्र का पालन करके अपने व्यापार में सफलता प्राप्त कर सकते हैं, क्योंकि इससे उनके व्यापार में सुविधा और लाभ होता है।

वास्तु में दिशा: Directions in Vastu

वास्तु में दिशाओ का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है क्यूंकि हर दिशा एक तत्त्व को पूर्ण करती है| जैसे पूर्व दिशा से हमें ऊर्जा प्राप्त होती है जिसमे सूर्य से मिलने वाली ऊर्जा द्वारा शरीर में विटामिन- डी का निर्माण होना, पेड़-पौधों को भोजन के लिए ऊर्जा प्राप्त होना, सोलर- पैनल द्वारा बैटरी चार्ज होना आदि शामिल है| अगर घर की पूर्व दिशा से आने वाली सूर्य की रौशनी-ऊर्जा में किसी प्रकार की रुकावट होती है तो इसका असर घर में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर पड़ेगा, और उनमे ऊर्जा से होने वाले परिवर्तन आएंगे| जैसे:- त्वचा का कमजोर होना, अधिक आलस्य आना, शरीर का मोटा होना, शारीरिक ऊर्जा में कमी, हड्डी का दर्द आदि|

घर में किचनऔर बिजली की सप्लाई के यन्त्र और पूजा घर आदि सब जिनसे हमें ऊर्जा मिलती है पूर्व दिशामें ही होने चाहिए अगर इस जगह आप वाशरूम या पानी अथवा पानी की टंकी बनाते हैं या पहले से बनी हुयी है तो घर में आग और पानी दोनों का बैलेंस ख़राब होगा, जैसे आग और पानी मिलने से स्टीम- भाप बनती है उसी प्रकार घर में रहने वाले लोगो को भी फेफड़ो- लंग्स,पेट गैस , लिवर और ब्लड प्रेशर की दिक्कत होगी |

इसी प्रकार पंचतत्व का बैलेंस ख़राब होने से अलग तरह की दिक्कत पैदा होंगी. जैसे आग-पानी-हवा-प्रथवी-आकाश का स्थान परिवर्तन या बैलेंस ख़राब होने से शरीर में उत्पन्न होती है| आप घरमें बिना तोड़ फोड़ किये इस सब से निजात पा सकते हैं, जिसके लिए कुछ उपाय आप घर में कर सकते हैं| जैसे घर में पेड़-पौधों द्वारा प्रथवी- तत्व और घर के पेंट या पर्दो के रंग बदल कर अग्नि तत्त्व |

वास्तु का असर : Impact of Vastu

वास्तु का असर हमारे स्वास्थ्य से लेकर धन-आय, आपस में मेलजोल, पत्नी-पत्नी के बीच सम्बन्ध, संतान उत्पत्ति में बाधा, व्यापार का न चलना, दुर्घटनाये, क्षमता के अनुसार आय न होना आदि शामिल है. अगर आप इनमे से किसी प्रकार की समस्या से पीड़ित है तो आपकोअपनी कुंडली के साथ साथ घर का वास्तु कराना चाहिए|

घर का मुख्य द्वार: Main Door of Home

आपके घर का मुख्य द्वार आपके जीवन की प्रवेश द्वार होता है। इसलिए, उसे सही तरीके से वास्तुशास्त्र के अनुसार सजाएं। मुख्य द्वार को साफ़ और आकर्षक रखने के लिए आप उपयुक्त रंग और सजावट का चयन कर सकते हैं। एक बड़ी और खूबसूरत ढाल द्वार आपके घर को न केवल सुंदरता प्रदान करेगी, बल्कि इसे नकारात्मक ऊर्जा से बचाएगी और पॉजिटिविटी को बढ़ाएगी।

पूजा स्थान: Worship Place -Mandir

एक सुंदर और शांतिपूर्ण पूजा स्थान अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। अपने घर में एक विशेष क्षेत्र ध्यानपूर्वक चुनें और उसे पूजा के लिए सजाएं। पूजा स्थान पर स्थिरता और शांति के लिए सभी आवश्यक सामग्री जैसे मूर्ति, आरती सामग्री, धूप, और दीपक रखें। इसे ऐसे स्थान पर स्थापित करें जहां से आप आसानी से पूजा कर सकें और यह आपके घर के अन्य हिस्सों से अलग हो।

रंग और वास्तु: Colors & Vastu

रंगों का चयन आपके घर की वास्तुशास्त्र के लिए महत्वपूर्ण है। विभिन्न रंगों की विशेषताएँ होती हैं और ये आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित कर सकते हैं। जैसे कि, नीला रंग शांति और शारीरिक सुख का प्रतीक है, हल्का पीला रंग धन और समृद्धि को आकर्षित करता है, और हरा रंग स्वास्थ्य और उत्पादकता को बढ़ावा देता है। यदि आप अपने घर को वास्तुशास्त्र के अनुसार बनाना चाहते हैं, तो विभिन्न कमरों के लिए योग्य रंगों का चयन करें और उन्हें उचित विन्यास में बदलें।

किचन की वास्तु: Vastu of Kitchen

एक उत्कृष्ट किचन वास्तुशास्त्र आपके घर की स्थिरता और आर्थिक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण होता है। किचन का सही दिशा में स्थानांतरण और उचित सजावट करने से घर में ऐतिहासिक वृद्धि होती है। इसके अलावा, एक शुद्ध और स्वच्छ किचन परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य को बनाए रखता है। इसलिए, किचन में साफ़ और व्यवस्थित रखें, बर्तनों को सुन्दरता से सजाएं और अधिकतम प्राकृतिक प्रकाश के लिए उचित प्रकाश साधनों का इस्तेमाल करें।

बाथरूम की वास्तुएक सुंदर और स्वच्छ बाथरूम आपके घर की महिलाओं के लिए खुशहाली और निर्मल विकास का प्रतीक होता है। बाथरूम का सही वास्तुशास्त्र के अनुसार सजावट करने से यह आरामदायक और प्रभावी बनता है। ध्यान दें कि बाथरूम में सही वातावरण बनाने के लिए उचित वेंटिलेशन, सुखाने की सुविधा, और सामग्री के सुरक्षित रखरखाव का ध्यान रखें।

इस प्रकार, वास्तुशास्त्र के माध्यम से आप अपने घर को सुंदर, सकारात्मक, और समृद्धिपूर्ण बना सकते हैं। उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए मददगार साबित होगी और आपके घर के लिए वास्तुशास्त्र के मानकों को पूरा करने में सहायता करेगी। अपने घर को अपार सुंदरता, शांति, और समृद्धि से भर दें और स्वयं को सुखी और खुशहाल महसूस करें!

वास्तु की  आवश्यकता : Need of Vastu

प्रश्न 1: वास्तु क्या है?

उत्तर: वास्तु एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो विभिन्न प्रकृतियों और मानव-निर्मित संरचनाओं के बीच संतुलन बनाने के लिए उपयोग होता है। यह मनुष्य के जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य को बढ़ाने का एक मार्गदर्शन प्रदान करता है।

प्रश्न 2: वास्तु की आवश्यकता क्यों होती है?

उत्तर: वास्तु की आवश्यकता इसलिए होती है क्योंकि हमारे आस-पास के वातावरण का आदान-प्रदान शांति, समृद्धि और समानता का समर्थन करना महत्वपूर्ण होता है। वास्तु के माध्यम से हम अपने घर, कार्यालय, व्यापार स्थान आदि को संरचित कर सकते हैं ताकि वहां सकारात्मक ऊर्जा का विकास हो सके।

प्रश्न 3: वास्तु के क्या लाभ होते हैं?

उत्तर: वास्तु का अनुसरण करने के कई लाभ होते हैं। यह सुख, समृद्धि, शांति, उत्थान, स्वास्थ्य, रिलेशनशिप एवं कार्य क्षेत्र में सफलता को प्राप्त करने में सहायता करता है। वास्तु सुनिश्चित करता है कि घर या कार्यालय में स्थिति, आवासीय ऊर्जा, और दैनिक गतिविधियों के बीच संतुलन बना रहें।

प्रश्न 4: वास्तु का ध्यान रखना कितना महत्वपूर्ण है?

उत्तर: वास्तु का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। वास्तु के माध्यम से हम अपने आस-पास के वातावरण को संतुलित कर सकते हैं, जिससे हमारा जीवन सुखी, समृद्ध और शांतिपूर्ण हो सकता है। वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों का पालन करना स्वास्थ्य, धन, समृद्धि और सामरिक स्थिति में सुधार करने में मदद कर सकता है।

प्रश्न 5: वास्तु टिप्स क्या हैं जिन्हें मैं अपने घर में अपना सकता हूँ?

उत्तर: आप अपने घर में निम्नलिखित वास्तु टिप्स का पालन कर सकते हैं:
दूर्जनों और अशुभ ऊर्जाओं को घर से दूर रखने के लिए एंट्रीवे और बाहरी दरवाजे को सुंदर और स्वच्छ रखें।
रंगों का सही चयन करें, जैसे नीला, हरा और सफेद, जो शांति और सकारात्मकता का प्रतीक होते हैं।
घर में प्रकृति के तत्वों को शामिल करें, जैसे पौधे, जल फव्वारे, और सूर्य की रोशनी के लिए खिड़कियाँ।
घर के मुख्य स्थानों में प्रकृति और ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए फ़ेंग शुई प्रवाह को सुधारें।
घर में सुख और समृद्धि के लिए कोई पूजा स्थल स्थापित करें।
घर की नैऋत्य सुरक्षा के लिए समर्पित करें, जैसे एक सुरक्षा कंप्यूटर या कैमरा इंस्टॉल करें।
गहरी नींद के लिए शांति और सुख का संरक्षण करने के लिए बेडरूम में उपयुक्त वास्तु प्रयोग करें।

Leave a Reply

Categories